अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों, श्रद्धालुओं और प्रशासनिक गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। इसे देखते हुए शहर में अतिथि सुविधाओं और प्रशासनिक ढांचे के विस्तार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कौशल्या घाट के समीप नए सर्किट हाउस का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कराई जा रही इस परियोजना की अनुमानित लागत 12.13 करोड़ रुपये है। जी+3 भवन के रूप में बनाए जा रहे सर्किट हाउस का अब तक लगभग 57 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग, सीडी-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र के अनुसार निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए सर्किट हाउस के निर्माण से प्रशासनिक बैठकों, अधिकारियों के प्रवास और अन्य सरकारी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में विभिन्न राज्यों के अधिकारी, प्रतिनिधिमंडल और अन्य विशिष्ट आगंतुकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे ठहराव और बैठक स्थलों की आवश्यकता बढ़ गई है।
30 कमरों वाला होगा भवन
निर्माणाधीन सर्किट हाउस में कुल 30 कमरे बनाए जा रहे हैं, जिनमें दो वीआईपी सुइट शामिल होंगे। भवन में मॉड्यूलर किचन, डाइनिंग हॉल, पार्किंग, आधुनिक बाथरूम और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं, ताकि इसका उपयोग प्रशासनिक और अतिथि दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सके।
अयोध्या महायोजना 2031 से जुड़ी परियोजना
नया सर्किट हाउस अयोध्या महायोजना 2031 के तहत विकसित की जा रही परियोजनाओं में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पर्यटन अवसंरचना, सड़क नेटवर्क, घाटों के सौंदर्यीकरण और ठहराव सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाओं का विस्तार आवश्यक माना जा रहा है।
अनुमान है कि आने वाले वर्षों में अयोध्या में आगंतुकों की संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में प्रशासनिक और अतिथि सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए चल रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।