◆ सर्प-विष से बनता है एंटी-वेनम व सर्प-विष है मॉडर्न ड्रग-एडिक्शन
◆ बदले की भावना न याददास्त, दुग्धपान है नाग के मौत का फरमान
अयोध्या । नाग-पंचमी पर्व पूर्व-संध्या वार्ता में यह जानकारी जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डा आलोक मनदर्शन ने बताया कि। नाग यानि इंडियन-कोबरा साउंड वाइब्रेशन को स्किन से अनुभव करते है,क्योंकि इनमें कान नही होते तथा खतरा महसूस होने पर झपट्टे मारते हैं जिससे सपेरे की बीन व नाग का झपट्टा म्यूजिकल-डांस का भ्रम पैदा करता है। साँप के दिमाग़ मे नियोकॉर्टेक्स या लिंबिक-सिस्टम न होने के कारण इसमें कोई मेमोरी-चिप नही होती, जिससे इसमें न तो याद्दाश्त और न ही बदले की भावना होती है।

मनो परामर्शदाता, जिला चिकित्सालय अयोध्या









