अयोध्या। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, नदियों की स्वच्छता तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिया कि नदियों और तालाबों में किसी भी प्रकार के नालों का अपशिष्ट जल न जाए। यदि कहीं ऐसा हो रहा हो, तो उसका तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे फूल, माला और कूड़ा-कचरा विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, नदियों व तालाबों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) ने बताया कि जमथरा स्थित 33 एमएलडी एसटीपी पर अब तक पांच नालों को टैब्ड किया जा चुका है, शेष को भी जल्द टैब्ड कर लिया जाएगा।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम ने सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुबह-शाम अभियान चलाकर बाजारों में छापेमारी की जाए, पॉलिथीन जब्त की जाए और जुर्माना भी लगाया जाए। साथ ही, जनपद के सभी अस्पतालों व पैथोलॉजी लैब्स से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का नियम 2016 के तहत सही उपचार और निपटान सुनिश्चित किया जाए।
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में “एक वृक्ष मां के नाम“ अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। डीएम ने निर्देशित किया कि सभी लगाए गए पौधों की जिओ ट्रैकिंग शत–प्रतिशत होनी चाहिए। जिन विभागों ने यह कार्य अधूरा छोड़ा है, वे शीघ्र कार्य पूरा करें।