अयोध्या। दिव्यांग मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने और उन्हें अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने की।
बैठक में जिला स्तर पर गठित दिव्यांग मतदाता समिति के सदस्यों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एडीएम प्रशासन ने सभी उपस्थित सदस्यों से परिचय प्राप्त कर दिव्यांगजनों के पंजीकरण में तेजी लाने पर बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के छूटे हुए दिव्यांगजन को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी को योजनाओं से लाभान्वित दिव्यांगजनों की विकासखंडवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि मुख्य चिकित्साधिकारी से पंजीकृत दिव्यांगजनों की सूची प्राप्त कर उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी टैगिंग कर मतदाता सूची में सम्मिलित किया जा सके।
बैठक में दिव्यांगों के मतदान को सुगम बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए गए। दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी ने मतदान दिवस पर वालंटियर्स को पहचान पत्र जारी करने की मांग की, ताकि वे बिना बाधा के मतदान केंद्रों में सहयोग कर सकें। डॉ. नेहाल रजा ने दिव्यांगजनों को घर से मतदान स्थल तक लाने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।
एडीएम प्रशासन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार दिव्यांग, 85 वर्ष से अधिक आयु वाले व कोविड प्रभावित मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम डॉ. नागेंद्र नाथ, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी, उप जिलाधिकारी रुदौली अशोक कुमार सैनी, समाज कल्याण अधिकारी आर.बी. सिंह, लायंस क्लब रुदौली के चेयरमैन डॉ. नेहाल रजा, सचिव अखिल भारतीय विकलांग समिति प्रदीप कुमार द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।