मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उनके आर्थिक स्वावलंबन का संबल बनेगा। उन्होंने 1,148 युवाओं को 47 करोड़ रुपये का ऋण वितरित करते हुए कहा कि यह ब्याज मुक्त ऋण है। अगर आप समय पर मूलधन चुकाते हैं, तो ब्याज सरकार वहन करेगी। सीएम योगी ने बताया कि फरवरी 2024 के बजट में इस योजना की घोषणा हुई थी और 24 जनवरी 2025 को पोर्टल लॉन्च के साथ इसे शुरू किया गया। दो महीने में 1 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य था, लेकिन 3 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 1,27,000 फॉर्म स्क्रीनिंग के बाद बैंकों को भेजे गए, जिनमें 32,000 को ऋण स्वीकृत हो चुका है। सीएम योगी ने कहा कि आगामी 25, 26 और 27 मार्च को हर जनपद में विशेष मेले आयोजित होंगे, जहां और युवाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनी में युवाओं के स्टार्टअप की सराहना करते हुए कहा कि कोई चिप्स बना रहा है, कोई गुड़-मेवे का उत्पाद बना रहा है तो कोई भगवान के वस्त्र सिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि अगर कार्य करने की इच्छाशक्ति हो, तो प्रदेश में अवसरों की कमी नहीं है।
सीएम योगी ने अयोध्या के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए कहा कि 2016-17 में पूरे साल में 2.34 से 2.50 लाख श्रद्धालु आते थे, लेकिन 2024 में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। अब प्रतिदिन 2.5 लाख लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान विंध्यवासिनी धाम, काशी, गोरखपुर, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे तीर्थ तीर्थयात्रियों से भरे रहे। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों ने आस्था को आजीविका से जोड़ा है। होमस्टे, ई-रिक्शा, टैक्सी, नाव, किराना स्टोर, चाय की दुकान, होटल, रेस्टोरेंट और दातून बेचने तक के जरिए हजारों युवाओं ने कमाई की और तीर्थयात्रियों की सेवा की। यानी हजारों लोगों के लिए नए रोजगार का सृजन भी हुआ। उन्होंने कहा कि आस्था और संस्कृति रोजगार का पर्व बन सकती है। संस्कृति भी समृद्धि का आधार बन सकती है प्रधानमंत्री मोदी जी का यह विजन आज जमीनी धरातल पर हम सभी को देखने को मिला है।