Sunday, May 17, 2026
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बदलते मौसम में बढ़ा हीट वेव का खतरा, बच्चों को सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत


◆ जानकी हास्पिटल के चिकित्सक डा. पवन पाण्डेय ने बताए हीट वेव से बचाव के उपाय


◆ बदलता मौसम भी मरीजों के लिए हो रहा है नुकसानदायक


अयोध्या। जिले में लगातार बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच हीट वेव असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं। हालांकि बीच-बीच में मौसम के ठंडा हो जाने से स्थिति फिलहाल ज्यादा गंभीर नहीं बनी है, लेकिन चिकित्सकों ने लोगों को अभी से सतर्क रहने की सलाह दी है।
शहर के जानकी हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. पवन कुमार पाण्डेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हीट वेव जैसे लक्षणों वाले मरीजों की शुरुआत हुई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में अधिक खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी और तेज धूप के संपर्क में अधिक देर रहने से लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ सकती है।
डा. पाण्डेय के अनुसार, अभी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक ठंडी हवा और बादल लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में लोग अक्सर लापरवाही कर बैठते हैं, जो बाद में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उनके सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखना चाहिए ताकि तेज धूप का सीधा असर न पड़े।

उन्होंने बताया कि हीट वेव के दौरान शरीर में डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आती है। इससे बचने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। इसके अलावा नींबू पानी, शिकंजी, जूस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी शरीर को राहत देता है। उन्होंने लोगों को भोजन में सलाद और ताजे फलों को शामिल करने की सलाह दी।
हीट वेव के लक्षणों की जानकारी देते हुए डॉ. पाण्डेय ने बताया कि तेज गर्मी लगना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर महसूस होना, कमजोरी, उल्टी और बेचैनी इसके प्रमुख संकेत हैं। कई बार मरीज अचानक बेहोशी जैसी स्थिति में भी पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर या उल्टी की शिकायत हो तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर पानी, जूस या शिकंजी पिलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उल्टी-दस्त की समस्या लगातार बनी रहे या मरीज की हालत में सुधार न हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। लापरवाही कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस बदलते मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लोग घर और आसपास साफ-सफाई रखें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। उन्होंने बासी भोजन से परहेज करने और केवल ताजा खाना खाने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचें और जरूरी होने पर ही बाहर जाएं। सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा उपाय है।

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