जलालपुर, अंबेडकर नगर। नवजात शिशु के जन्म के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान मौत हो जाने से नाराज परिजनों ने सोमवार को जलालपुर-नगपुर स्थित केएनएसएम अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर के सामने शव रखकर हंगामा करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद नगपुर निवासी अंजलि विश्वकर्मा पत्नी राकेश विश्वकर्मा गर्भवती थीं और उनका उपचार जलालपुर-नगपुर स्थित केएनएसएम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक 30 अगस्त को प्रसव के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के करीब तीन दिन बाद अस्पताल में प्रसूता को पानी पिलाए जाने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल की ओर से उसे अकबरपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। वहां कई दिनों तक उपचार के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सोमवार को उसकी मौत हो गई।
प्रसूता की मौत के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर जलालपुर-नगपुर स्थित अस्पताल के सामने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजन शव को एंबुलेंस से उतारकर सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
सूचना मिलने पर कोतवाल अजय प्रताप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया-बुझाया। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी जो भी शिकायत है, उसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई में पुलिस पूरा सहयोग करेगी। इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में तत्काल कोई स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।