अयोध्या। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बुधवार को अयोध्या पहुंचे। गोसाईगंज के हैदरगंज में आयोजित कांग्रेस की जनसभा को संबोधित करने पहुंचे अजय राय ने राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में CEO की नियुक्ति के बजाय धर्माचार्य की नियुक्ति होनी चाहिए।
अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने राम मंदिर को कमाई का जरिया बना लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को राम मंदिर को कमाई का माध्यम नहीं बनाना चाहिए और मंदिर में आने वाले चढ़ावे की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखनी चाहिए।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “गिननेवालेजेलगए, गिनवानेवालेक्योंनहींगए?” उन्होंने मामले में नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देवगिरी और गोपाल राव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
अजय राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का सारा पैसा आरएसएस के खाते में गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता जरूरी है और जनता के सामने पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अजय राय ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज, युवाओं के भविष्य से कथित खिलवाड़ और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी चुनाव में महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे पर सवाल उठाते हुए अजय राय ने गोरखपुर की आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। उन्होंने सवाल किया कि “कहांहैजीरोटॉलरेंस?”
अजय राय के अयोध्या पहुंचने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह गोसाईगंज क्षेत्र के हैदरगंज में आयोजित जनसभा के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित किया।