अयोध्या । चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह और महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कमला नेहरू भवन से कलेक्ट्रेट की ओर विरोध मार्च निकाला।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के सामने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग की। साथ ही उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा की मांग उठाई।
कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को जिला अस्पताल के सामने पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया से संबंधित निर्णयों की पारदर्शिता और स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर हाल में सार्वजनिक बहस तेज हुई है। उन्होंने दइंडियनएक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के निर्णयों और आदेशों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, नाम जोड़ने-हटाने, Form-6 में बदलाव और निर्वाचन संबंधी आईटी प्रणाली एवं डेटा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित चयन समिति में किए गए बदलाव के बाद से ही कांग्रेस को नियुक्ति की प्रक्रिया पर आपत्ति रही है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग दोहराई।
पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा और रामअवध पासी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।
प्रदर्शन में अशोक कुमार सिंह मनऊपुर, अनिल तिवारी, अनिल सिंह, पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, रामकिशोर वर्मा, दिलीप गौर, राजेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, रमाशंकर तिवारी, राज प्रताप, आदिल कुरैशी, रहबर, विजय गुप्ता, सेवा दल के जिला अध्यक्ष फ्लावर नकवी, बसंत मिश्रा, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष रेनू राय, नाजिश फातिमा, दलित प्रकोष्ठ के रामसागर रावत, किसान प्रकोष्ठ के राजकुमार पांडेय, युवा कांग्रेस के रामेंद्र त्रिपाठी, मनोज जायसवाल, दयाशंकर तिवारी, बृजेश रावत, जय प्रताप गुप्ता, विवेक शर्मा, मिस्बाउल हक, सुधीर प्रदीप, उमेश उपाध्याय, रुद्र प्रताप सिंह रिशु, राजकुमार सिंह, यशवीर सिंह, मोहम्मद आमिर, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, हृदय नारायण मिश्रा, शैलेंद्र मणि पांडेय, रमेश चंद्र, भगवान बहादुर शुक्ला, कविंद्र साहनी, अशोक कनौजिया, भीम शुक्ला, दीप कृष्ण वर्मा, रामेंद्र मोहन मिश्रा और चंचल सोनकर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।