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सोनी व उसके बच्चे को न्याय दिलाने के लिए सपा करेगी धरना प्रदर्शन

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◆  रिकाबगंज स्थित मां परमेश्वरी देवी हास्पिटल में प्रसव के बाद हुई थी सोनी व उसके नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया है लापरवाही का आरोप


◆  निजी अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ पर मुकदमा व महिला अस्पताल से निजी हास्पिटल भेजने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करने की सपा ने उठाई मांग


अयोध्या। सोनी को न्याय दिलाने के लिए सपा धरना प्रदर्शन करेगी। 31 मार्च को महिला अस्पताल के सामने बल्लाहाता स्थित निजी हास्पिटल में प्रसव के बाद सोनी व उसके नवजात की मौत हो गई थी। निजी अस्पताल पर लापरवाही बरतने के साथ प्रसूता को महिला अस्पताल से दलालों के माध्यम से निजी हास्पिटल भेजने का आरोप परिजनों ने लगाया था। मामले में निजी अस्पताल के संचालको के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ महिला अस्पताल से निजी भेजने वाले कर्मचारी को बर्खास्त करने की मांग सपा ने किया है।
एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री व सपा नेता तेजनारायन पाण्डेय ने कहा कि 31 मार्च को महताबबाग निवासी सुरेश यादव अपनी पत्नी सोनी यादव को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लेकर गए थे। यहां उनसे अस्पताल में डाक्टर व नर्स न होने के कारण दूसरी जगह प्रसव कराने के लिए कहा गया था। जहां उनकी सेटिंग रहती है, महिला के अस्पताल के सामने डा. अंजली श्रीवास्तव के यहां भेज देते हे। डा. अंजली जच्चा व बच्चा दोनो स्वस्थ बताते हुए रात तक प्रसव कराने का दावा करती है। रात में डाक्टर की गैरमौजूदगी में उनके स्टाफ के लोग प्रसव कराते है। बच्चे को मार डालने के साथ मां को भी मार डाला। एक तरह से नर्सिग होम में डाक्टर व स्टाफ ने मिलकर मां और बच्चे की हत्या की है। हमारी मांग है, डाक्टर व स्टाफ पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तारी करके जेल भेजा जाय। होम्योपैथ का डाक्टर फर्जी नर्सिंग होम खोलकर जान ले रहा है। इस तरह के नर्सिंग हो चलाए जा रहे है। जो दोषी हो, उनके उपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। महिला चिकित्सालय के जिस स्टाफ ने परिजन व महिला को देखा नहीं, उसको नौकरी से बर्खास्त किया जाय। स्वास्थ्य मंत्री का पूरा संरक्षण है। इससे होने वाली कमाई में सभी पाटनर है। अगर पाटनर नहीं है तो ऐसे नर्सिंम होम बंद कराए जाय। जो अवैध है। ऐसे लोगो को जेल भेजा जाय। दो दिन इंतजार करेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी से मिलेंगे। फिर परिवार के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। अगर सीएमओ ने डाक्टर व स्टाफ को बचाने के लिए लिखापढ़ी किया तो मान लीजिएगा कि सीएमओ ने भी दलाली की है। स्वास्थ्य व्यवस्था आजादी के बाद इतनी खराब कभी नहीं थी। मेडिकल कालेज में डाक्टरों में आपस में मार होती है। स्वास्थ्य विभाग अंतिम पायदान पर सांसे ले रहा है। कब उसकी जान निकल जाय, पता नहीं है।

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