अयोध्या। रिकाबगंज स्थित डॉ. लाल पैथ लैब की मुख्य शाखा को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को जांच के बाद सील कर दिया। यह कार्रवाई सीएमओ कार्यालय में मिली शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मधुमेह की जांच में दो घंटों के अंतराल पर कराए गए टेस्ट में बेहद असंगत परिणाम मिले, जिसके बाद जांच टीम साइट पर पहुंची।
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व झोलाझाल नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश चौधरी ने किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने कई गंभीर कमियां पाईं। मौके पर पांच लैब टेक्निशियन मौजूद थे, लेकिन उनमें से केवल एक का ही इम्पैनलमेंट रिकार्ड में पाया गया। अन्य तकनीशियन बिना अनुमति के काम करते हुए मिले। इसके अलावा एक महिला डॉक्टर भी पंजीकरण नवीनीकरण में शामिल न होने के बावजूद मरीजों से संबंधित कार्य करती मिलीं।
जांच में यह भी सामने आया कि लैब के पास इलेक्ट्रिकल सेफ्टी सर्टिफिकेट, मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और भुगतान रसीदें उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही, रॉयल पॉल्यूशन कंट्रोल सर्विस और लैब के बीच का अनुबंध संदिग्ध पाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि इसी लैब के एक कलेक्शन सेंटर पर बुधवार को कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद मुख्य शाखा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को विभागीय बैठक में जिले की अन्य पैथोलॉजी लैबों की जांच के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। लैब संचालक डॉ. हरिओम गुप्ता को निर्देश दिया गया है कि जांच पूरी होने तक सील हटाने या उसमें छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें।Top of Form