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शिक्षा भवन पर शिक्षकों का धरना-प्रर्दशन , 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में सौंपा ज्ञापन

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अयोध्या । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडे गुट) का मंडलीय धरना-प्रदर्शन मंगलवार को शिक्षा भवन अयोध्या पर सम्पन्न हुआ। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता और जिला मंत्री अमरनाथ सिंह के संचालन में आयोजित हुआ। धरने में मंडल भर से शिक्षक भारी संख्या में शामिल हुए।

                  अयोध्या जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि ज्ञापन की प्रमुख मांगें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ऑफलाइन स्थानांतरण, शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम की धाराओं की पुनर्स्थापना, वर्ष 2000 से पूर्व व बाद नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण व सेवा सुरक्षा, सरप्लस समायोजन आदेश की समाप्ति, विषय विशेषज्ञ व व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा, वित्तविहीन शिक्षकों को अधिनियम 1921 के दायरे में लाना, सिटीजन चार्टर लागू करना तथा एनपीएस का राज्यांश नियमित वेतन के साथ भुगतान है।

धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री अजय सिंह ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु संगठन किसी भी स्तर तक संघर्ष के लिए तैयार है। सुल्तानपुर के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सेवा सुरक्षा के लिए संघ पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे हासिल किए बिना चैन से नहीं बैठेगा। बाराबंकी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि वेतन वितरण अधिनियम, पेंशन और सुविधाएं शिक्षकों को लंबे संघर्ष से मिली हैं, इन्हें किसी भी हाल में समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। जिला मंत्री सुल्तानपुर ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो समस्याओं के समाधान के लिए बलिदान तक देने को शिक्षक तैयार हैं। शिक्षक नेता दान बहादुर सिंह ने कहा कि कार्यालयों में भ्रष्टाचार तभी समाप्त होगा जब शिक्षक एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। जिला उपाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने विपरीत मौसम के बावजूद भारी उपस्थिति को संगठन में शिक्षकों के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया। जिला संगठन मंत्री रणदीप सिंह ने कहा कि एकजुट होकर शिक्षा कार्यालयों में संघर्ष करने से ही समस्याओं का समाधान संभव है। धरने के उपरांत शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक डा पवन कुमार तिवारी को सौंपा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

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