अयोध्या। नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए हीट वेव से प्रभावित नौ वार्डों में मियावाकी पद्धति से सघन वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। साथ ही अन्य वार्डों में भी उपलब्ध भूमि पर इस पद्धति से पौधारोपण कराया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को गांधी सभागार में आयोजित नगर निगम सदन की विशेष बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने पार्षदों से जनसहयोग के माध्यम से व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से रामपथ के किनारे उपलब्ध स्थानों पर भी पौधारोपण कराया जाएगा।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने साकेतपुरी कॉलोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को अपने घरों के सामने पौधे लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए। बैठक में यह भी तय किया गया कि नई सड़कों के किनारे नियमित रूप से पौधारोपण कराया जाएगा।
महापौर के प्रस्ताव पर स्वच्छता जागरूकता के लिए प्रत्येक माह एक रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। वहीं पार्षदों ने जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न किए जाने पर नाराजगी जताई। इस पर जल निगम के अधिशासी अभियंता को तलब कर निर्देश दिया गया कि पहले से खोदी गई सड़कों की मरम्मत के बाद ही नए स्थानों पर खुदाई की जाए।
बैठक में विभिन्न पार्षदों ने फलदार एवं छायादार पौधे लगाने, ट्री गार्ड उपलब्ध कराने, पौधों की जियो-टैगिंग तथा शहर की अन्य जनसमस्याओं को लेकर सुझाव दिए। बैठक में उपसभापति संतोष सिंह, सांसद प्रतिनिधि हामिद जाफर मीशम, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, मुख्य अभियंता पुनीत ओझा सहित नगर निगम के अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित रहे।