अयोध्या। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के दर्शन नगर चौकी अंतर्गत फत्तेपुर गांव में 25 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गंभीर अवस्था में उसे राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मायके पक्ष ने दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध जताया। पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान मोनूवर्मा (25) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही रौनाही थाना क्षेत्र के सरायनामू गांव से उसके परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने तक ससुराल पक्ष के सभी लोग शव छोड़कर वहां से जा चुके थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि मोनू के गले पर दबाव या फंदे जैसे निशान थे, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान दिखाई दे रहे थे।
मृतका के भाई मनोजवर्मा का कहना है कि वर्ष 2023 में मोनू का विवाह फत्तेपुर निवासी आदर्शवर्मा से हुआ था। विवाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बहन का उत्पीड़न किया जाता था। आरोप है कि ससुराल पक्ष चार पहिया वाहन की मांग कर रहा था और इसी को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। दंपति की करीब दो वर्ष की एक पुत्री भी है।
एक अन्य परिजन ने बताया कि घटना से दो दिन पहले से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था।शुक्रवार रात सूचना मिली कि मोनू की तबीयत खराब है और उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया है, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतका के परिजनों की तहरीर पर पति आदर्शवर्मा, ससुर देवीप्रसादवर्मा, सत्यमवर्मा, प्रतिभावर्मा और प्रतिमावर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर और पुलिस चौकी पर काफी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन एकत्र हो गए, जिन्हें पुलिस ने समझाकर स्थिति सामान्य कराई।