अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह घटना पूरे ट्रस्ट और व्यवस्था के लिए एक कलंक की तरह है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच के बाद व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शनिवार को रामकथा संग्रहालय में आयोजित मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक में शामिल होने पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यहएकतरहकाकलंकहै।इसकाहमेंकेवलखेदहीनहींहै, बल्किहमस्वयंकोछोटामहसूसकररहेहैं।मुझेपूराविश्वासहैकिव्यवस्थामेंसुधारहोगाऔरइसतरहकीघटनाएंदोबारानहींहोंगी।“
राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन के संबंध में उन्होंने बताया कि इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता संभवतः एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं। समिति अपनी संस्तुति ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा।
बैठक के दौरान मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में अब केवल कुछ प्रमुख कार्य शेष हैं। पुण्य स्मारक का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जुलाई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्मारक मंदिर में ज्योति (ज्वाला) की स्थायी व्यवस्था का कार्य भी किया जाएगा, जिसे 18 जुलाई तक पूरा करने का प्रयास है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर की लगभग चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण तथा परिसर के बाहर प्रस्तावित ऑडिटोरियम का कार्य जारी है। ऑडिटोरियम का निर्माण नवंबर-दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है।
रामकथा संग्रहालय के संबंध में उन्होंने कहा कि संग्रहालय में 20 गैलरियां प्रस्तावित हैं, जिनका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब इन गैलरियों में प्रस्तुत की जाने वाली कथा, विषय-वस्तु और स्टोरी लाइन को अंतिम रूप देने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े शेष कार्य भी तय समयसीमा के भीतर पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।