◆ बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास
◆ भरतपुर भरतकुंड नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा भदरसा नगर पंचायत, मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के सोहावल में आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वर्ष 2003 के हनुमानगढ़ी रोजा इफ्तार विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि “हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करा पाएंगे?” उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर दिखावा करने वालों ने सनातन परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया, जबकि वर्तमान सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत, भदरसा नगर पंचायत होगा भरतपुर भरतकुंड होगा
सीएम ने कहा कि बीकापुर विधायक ने पिछली बार ग्राम पंचायत खिरौनी-सुचित्तागंज को नगर पंचायत बनवाया था। अब उनकी मांग पर यह नगर पंचायत मां ज्वाला देवी के नाम पर होगी। समाजवादी पार्टी का असली चरित्र सभी ने देखा होगा, जब इनके नमूने चेयरमैन ने भदरसा में गुस्ताखी की थी। भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा। भाई-भाई का संबंध भरत जी से सीखिए। 14 वर्ष तक भरतकुंड के पास रहकर उन्होंने भगवान राम की आज्ञा का पालन किया। भगवान राम की चरण पादुकाएं अयोध्या का संचालन कर रही थीं। भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है, लेकिन अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न जैसे भाई हुए। चारों दिशाओं में अयोध्या की पहचान आज भी मौजूद है।
सक्रिय जनप्रतिनिधि से आते हैं सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत साफ और नीति स्प्ष्ट हो तो नियंता भी साथ देता है। प्रभु राम और पवनसुत के आशीर्वाद से सभी कार्य अपने आप बढ़ते हैं। बीकापुरवासियों ने अच्छा विधायक चुना तो विकास दौड़ता दिखाई देता है। जैसे अयोध्या का वैभव देश में चरम पर दिखाई देता है, वैसे ही बीकापुर में भी विकास की योजनाएं दिखाई दे रही हैं। सक्रिय जनप्रतिनिधि जब विकास में रूचि लेते हैं तो परिणाम वैसे ही सकारात्मक आते हैं, जैसे आज अयोध्या, बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज, रुधौली में दिखाई दे रहे हैं।
कभी विकास से वंचित थी अयोध्या
