अयोध्या। सपा नेता व पूर्व मंत्री तेजनारायन पाण्डेय ने चढ़ावा मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के निगरानी में करने की मांग किया है। उनका कहना है कि श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं, उसने पूरे देश के श्रद्धालुओं को आहत किया है। अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि है, जहां से पूरी मानवता मर्यादा, त्याग, समर्पण और आदर्श जीवन का संदेश प्राप्त करती है। ऐसे पवित्र स्थान से यदि चढ़ावे की लूट और भ्रष्टाचार जैसी खबरें सामने आती हैं तो यह केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला विषय नहीं, बल्कि देश की आस्था पर भी गंभीर आघात है।
उनका कहना है कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। जब प्राथमिकी ही नहीं हुई तो एसआईटी जांच का औचित्य क्या है? जनमानस में यह चर्चा है कि केवल औपचारिक जांच से सत्य सामने नहीं आएगा। करोड़ों रामभक्तों का विश्वास तभी बहाल होगा जब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर जांच सर्वाेच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों तथा प्रस्तुत किए गए तथ्यों पर ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट और ठोस जवाब न आना भी अनेक सवाल खड़े करता है। यदि आरोप निराधार हैं तो उनका तत्काल खंडन होना चाहिए था। लेकिन लगातार बनी हुई चुप्पी जनसामान्य के मन में संदेह को और अधिक गहरा कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से मांग है, जिन ट्रस्टियों अथवा पदाधिकारियों पर आरोप लगे है। उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सर्वाेच्च न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।