अयोध्या। ग्रामसभा और सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने के आरोप में बीकापुर तहसील के क्षेत्रीय लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी बीकापुर ने यह कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
उप जिलाधिकारी बीकापुर के अनुसार, सम्पूर्ण समाधान दिवस में ग्राम असकरनपुर निवासी मधुसूदन मिश्र ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाटा संख्या 419, जो रास्ते की भूमि के रूप में दर्ज है, उस पर कुछ लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित लेखपाल ने नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय गलत तरीके से धारा-67 की कार्यवाही की और अपने कार्यकाल में अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लेखपाल के कार्यक्षेत्र के राजस्व ग्राम सफीपुर में गाटा संख्या 184 (नाली) और गाटा संख्या 179 (चकमार्ग) पर भी अवैध अतिक्रमण था, लेकिन इसे हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने माना कि ग्रामसभा की भूमि, सार्वजनिक मार्ग, नाली और चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखना क्षेत्रीय लेखपाल का प्राथमिक दायित्व है।
तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उप जिलाधिकारी बीकापुर ने सर्वेश कुमार मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते दिए जाएंगे।
मामले की विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार शाहगंज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें आरोपपत्र तैयार कर नियमानुसार विभागीय जांच पूरी करने और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान सर्वेश कुमार मिश्र को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय, तहसील बीकापुर से संबद्ध किया गया है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामसभा की भूमि और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।