अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर रविवार को पार्टी के जिला संगठन द्वारा आरक्षण घोटाले के मुद्दे पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में सांसद अवधेश प्रसाद, निवर्तमान जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ तथा पूर्व विधानसभा प्रत्याशी फिरोज खान ‘गब्बर’ मौजूद रहे।
सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रेसवार्ता में पार्टी की ओर से जारी पीडीए ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर आरक्षित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में हुई 22 भर्तियों में पीडीए वर्ग की 11,514 से अधिक आरक्षित सीटों का नुकसान हुआ है।
उन्होंने वर्ष 2019 की 69 हजार शिक्षक भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को निर्धारित 27 प्रतिशत के स्थान पर केवल 3.86 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति (एससी) को 21 प्रतिशत के बजाय 16.2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की ओर संकेत किया था।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार ने स्वयं त्रुटियों को स्वीकार करते हुए 6800 पदों की अतिरिक्त चयन सूची जारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच वन रक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी, यूपीएसएसएससी सहित विभिन्न विभागों की 22 भर्तियों में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी आरक्षण और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। प्रेसवार्ता के दौरान नेताओं ने “संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ” का नारा देते हुए आरक्षित वर्गों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई।