अयोध्या। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के कथित दान घोटाले को लेकर सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है, जिससे पूरे प्रकरण पर संदेह की स्थिति बन रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रियंका गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें अब तक पदों से नहीं हटाया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय आरोपितों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
प्रियंका गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि कथित रूप से गायब चांदी की सिल्ली, आभूषण और अन्य सामान की बरामदगी कर पूरे मामले का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
प्रियंका गुप्ता अयोध्या में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रेस वार्ता में शामिल होने पहुंची थीं।