◆ मानसिक ताकत बढ़ाने के लिए नींद और सही मानसिक तैयारी जरूरी
अयोध्या। प्रतियोगी परीक्षाओं में एकाग्रता, संयम और धैर्य बनाए रखने में मस्तिष्क का एक विशेष रसायन सेरोटोनिन अहम भूमिका निभाता है। यह रसायन मानसिक लचीलापन (मेंटल रेजीलिएंस) देता है और चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाता है।
जिला चिकित्सालय के माइंड-मेंटर डॉ. आलोक मनदर्शन ने यह बातें राजकीय जिला पुस्तकालय ऑडीटोरियम में आयोजित विश्व मनोस्वास्थ्य जागरूकता पखवारा के तहत आयोजित मनोसंवाद सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सेरोटोनिन की कमी से तनाव, अवसाद, गुस्सा, चिंता, नशे की आदत और पारिवारिक झगड़े जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
डॉ. मनदर्शन ने कहा कि प्रतियोगी छात्रों के लिए मानसिक रूप से शांत, संयमित और चुस्त रहने के लिए अच्छी नींद सबसे जरूरी है। नींद से मस्तिष्क की ऊर्जा फिर से भरती है और तनाव को कम करने वाला हिस्सा शांत हो जाता है। इससे तनाव नकारात्मक रूप (डिस्ट्रेस) में नहीं बदलता, बल्कि प्रेरणा देने वाला रूप (यू–स्ट्रेस) बन जाता है, जिससे आनंद और उत्साह मिलता है।
उन्होंने बताया कि मस्तिष्क में चार महत्वपूर्ण “खुशी हार्मोन” होते हैं —सेरोटोनिन (मूड नियंत्रक), डोपामिन (इनाम व प्रेरणा), एंडोर्फिन (दर्द कम करने वाला), ऑक्सीटोसिन (प्यार व जुड़ाव बढ़ाने वाला) ये हार्मोन तनाव को कम करते हैं और मस्तिष्क को तरोताजा रखते हैं। अगर नींद न मिले, उलझन, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, नशे की आदत या पारिवारिक कलह बनी रहे, तो मनोपरामर्श बहुत लाभकारी होता है। इस व्याख्यान में प्रतियोगी परीक्षार्थी और पुस्तकालय स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन पुस्तकालयाध्यक्ष राजेश तिवारी के संयोजन में हुआ।