अयोध्या। उमस भरी गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती का असर अब लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह के दौरान गर्मी और बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण तनाव, बेचैनी और नींद संबंधी समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस लगातार सक्रिय रहता है। लंबे समय तक अधिक तापमान रहने पर मस्तिष्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस स्थिति को हीट स्ट्रेस से जुड़ी मानसिक समस्या के रूप में देखा जाता है।
डॉ. मनदर्शन के अनुसार बार-बार बिजली जाने से लोगों की नींद प्रभावित होती है। पर्याप्त नींद न मिलने के कारण चिड़चिड़ापन, थकान, एकाग्रता में कमी, सिरदर्द, बेचैनी, धड़कन तेज होना, बदहजमी और एसिडिटी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कुछ लोगों में नींद के दौरान अचानक घबराकर उठ जाना या स्लीप पैरालिसिस जैसी शिकायतें भी देखने को मिल सकती हैं।
उन्होंने बताया कि पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद मस्तिष्क के लिए ऊर्जा का काम करती है। इसलिए लगातार नींद प्रभावित होने पर मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है और दिनभर सुस्ती, तनाव तथा कार्यक्षमता में कमी महसूस हो सकती है।
डॉ. आलोक मनदर्शन ने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में कमरे का तापमान यथासंभव 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था करने का प्रयास करें। साथ ही रात की नींद प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक उपाय अपनाएं। यदि लंबे समय तक तनाव, अनिद्रा या मानसिक असहजता की समस्या बनी रहे तो मनोपरामर्श अवश्य लेना चाहिए।