◆ कई स्थानों से दस्तावेज कब्जे में लिए, परिजनों व पड़ोसियों से की पूछताछ, संपत्तियों और बैंक खातों की भी पड़ताल
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार को कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए जेल में निरुद्ध सभी आठ आरोपियों के आवासों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई कई घंटे तक चली, जिसमें पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आरोपियों के घरों की तलाशी ली। जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी साथ रखा गया।
पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण और संपत्तियों से संबंधित अभिलेखों की जांच की। सूत्रों के अनुसार कौशलपुरी निवासी आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन अभिलेखों का मामले से कोई संबंध है या नहीं।
स्वर्गद्वार मोहल्ले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर पहुंची टीम को शुरुआत में मकान बंद मिला। बाद में परिजनों की मौजूदगी में घर खोलकर अलमारियों, बक्सों और अन्य सामान की तलाशी ली गई। इसी तरह उसके रिश्तेदार एवं आरोपी मनीष यादव के मकान की भी जांच की गई। पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
रुदौली में लवकुश मिश्रा, अंजनीपुरम में सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, नया घाट में रमाशंकर मिश्रा तथा कौशलपुरी में अविनाश शुक्ला के ठिकानों पर भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर जांच की। कुछ मकान बंद मिले, जबकि कई स्थानों पर परिजनों और पड़ोसियों से आरोपियों की गतिविधियों, आर्थिक स्थिति और हाल के वर्षों में हुई संपत्ति संबंधी जानकारी ली गई।
जांच अधिकारियों ने आरोपियों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों तथा राम मंदिर से जुड़ने के बाद उनके रहन-सहन में आए बदलाव के संबंध में भी जानकारी एकत्र की है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक होने पर उन्हें जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में जेल में बंद हैं।
