अम्बेडकर नगर। रोज की तरह मंगलवार को भी संविदा लाइनमैन दयाशंकर घर से ड्यूटी पर निकला था। किसी को क्या पता था कि बिजली की लाइन ठीक करने गया दयाशंकर खुद जिंदगी की डोर हार जाएगा। 11 केवी लाइन पर काम करते समय करंट की चपेट में आए दयाशंकर ने लखनऊ ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अहिरौली थाना क्षेत्र के खेंवर गांव निवासी दयाशंकर वर्तमान में मिर्जापुर कोड़रा में रहकर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बैरमपुर बरवा पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को वह मिर्जापुर क्षेत्र में खराब लाइन ठीक करने पहुंचे थे। बताया जाता है कि काम शुरू करने से पहले उन्होंने उपकेंद्र पर तैनात टीजी-2 कर्मचारी से शटडाउन मांगा था। कर्मचारी द्वारा लाइन बंद होने की जानकारी मिलने के बाद दयाशंकर पोल पर चढ़ चढ़े , प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वह ऊपर चढ़े तेज झटके के साथ झुलसकर नीचे गिर पड़े। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों और ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया। वहां से भी स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें लखनऊ भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। दयाशंकर की मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों और कर्मचारियों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि शटडाउन सही तरीके से सुनिश्चित किया गया होता तो शायद दयाशंकर की जान बच सकती थी। अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है।