अम्बेडकर नगर। श्रवण क्षेत्र महोत्सव से ठीक पहले जिस पुल का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विकास के प्रतीक के रूप में किया था, वही पुल सरकारी लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित श्रवण क्षेत्र का यह पुल उद्घाटन के महज एक सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगा है, जिससे सरकार के गुणवत्तापूर्ण विकास के दावों की पोल खुल गई है।
17 जनवरी को बड़े प्रचार-प्रसार के साथ किए गए लोकार्पण के बाद अब पुल पर गड्ढे उभर आए हैं। श्रवण महोत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इस मार्ग पर ऐसी स्थिति गंभीर खतरे का संकेत है। सवाल यह उठता है कि क्या महोत्सव के नाम पर बिना गुणवत्ता जांच के पुल को जल्दबाजी में जनता के लिए खोल दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। हैरानी की बात यह है कि निर्माण से जुड़े अभियंताओं और अधिकारियों ने समय रहते खामियों पर आंखें मूंदे रखीं और लोकार्पण के समय वाहवाही लूट ली।
अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी या फिर हमेशा की तरह फाइलें एक-दूसरे पर डालकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। जनता पूछ रही है कि क्या जिम्मेदारों से जवाबदेही तय होगी या फिर विकास के नाम पर भ्रष्टाचार यूं ही बहता रहेगा?