अम्बेडकर नगर। जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने व्यापक पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आगामी 21 जुलाई को जनपद में शून्य दुर्घटना दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया के प्रयासों से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा एनएचएआई के विशेषज्ञ प्रोफेसर बैंकटेश बालासुब्रमण्यम, पंकज मेहरा और हेमेन्द्र शर्मा ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए डेटा आधारित रणनीतियों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान ‘संजया एप्लिकेशन’ के उपयोग, सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान और डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही ट्रॉमा केयर की तैयारी और फील्ड परसेप्शन सर्वे के महत्व को भी समझाया गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दुर्घटनाओं की सूचना संजया एप पर दर्ज करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क हादसों और मृत्युदर में कमी लाने के लिए पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निकाय सहित सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियां गंभीरता से निभानी होंगी। पुलिस विभाग को आगामी सप्ताह में जिले के ब्लैक स्पॉट और संभावित दुर्घटना क्षेत्रों का सर्वे कर उन्हें संजया एप पर अपलोड करने का लक्ष्य दिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 21 जुलाई को जनपद स्तर पर शून्य दुर्घटना दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए सभी विभाग अभी से कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि निर्धारित दिवस पर जिले में कोई सड़क दुर्घटना न हो।
इस अवसर पर आमजन से भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई। लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा ओवरलोडिंग से बचने का आग्रह किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अभियंत्रण, एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, नगर निकाय और मंडी परिषद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।