अयोध्या। केंद्र सरकार के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देश के 52 जिलों में चयनित अयोध्या में गुरुवार को विशेष अभियान की शुरुआत हुई। सीएमओ कार्यालय से महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने JOSH टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों को टीबी मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के राष्ट्रीय संबोधन के बाद हुई। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
पांचगांवोंमेंचलेगाविशेषअभियान
पायलट प्रोजेक्ट के तहत मसौधा और पूराबाजार ब्लॉक के पांच गांवों को अभियान के लिए चुना गया है। इनमें मसौधा ब्लॉक के सिंहपुर हाजीपुर और मुमताजनगर तथा पूराबाजार ब्लॉक के सरेठी, बैसिंहपुर और कुशमाहा शामिल हैं। इन गांवों में JOSH की पांच सदस्यीय टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी और टीबी के लक्षण, जांच तथा उपचार को लेकर जागरूक करेंगी। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि ‘माई भारत’ पोर्टल, एनसीसी, एनएसएस और निक्षय मित्रों के सहयोग से JOSH टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में पांच युवा शामिल हैं। अभियान के दौरान 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित लोगों की प्राथमिकता के आधार पर स्क्रीनिंग की जाएगी।
गांवमेंहीमिलेगीजांचकीसुविधा
दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को जांच के लिए अस्पताल तक आने की परेशानी न हो, इसके लिए जिले को पांच हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जरूरत के अनुसार गांव में ही एक्स-रे, बलगम जांच, CBNAAT और Truenat जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को मुफ्त उपचार और नियमित दवा उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में दवा की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को ड्रग प्रोवाइडर बनाया गया है।
इनलक्षणोंकोनकरेंनजरअंदाज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, शाम के समय बुखार, रात में पसीना आना, वजन या भूख कम होना, बलगम में खून आना और सांस लेने में परेशानी टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि लंबे समय तक रहने वाली खांसी को नजरअंदाज न करें और नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर मुफ्त जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लें।