अंबेडकर नगर। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान समाचार कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार की पिटाई के मामले में पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न किए जाने से पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है।
मामला शुक्रवार का है जब एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के फोटोग्राफर अशफ़ाक अहमद मूर्ति विसर्जन के दौरान फोटो और वीडियो बना रहे थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते बैरमपुर निवासी अंश पांडेय पुत्र वीरेंद्र पांडेय, शिवम अग्रहरि पुत्र दिनेश अग्रहरि तथा दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया। हमले में पत्रकार को गंभीर चोटें आईं।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित द्वारा तत्काल थानाध्यक्ष को सूचना देने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई और अगले दिन प्रार्थना पत्र देने को कहा गया। पीड़ित पत्रकार ने अगले दिन सुबह थाना इब्राहिमपुर में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद उनका टांडा सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया गया। चिकित्सक ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। शनिवार को एफआईआर की प्रति प्राप्त करने पहुंचे पत्रकार को यह कहकर लौटा दिया गया कि मामला अभी दर्ज नहीं हुआ है। वहीं, पत्रकार का कहना है कि थाना स्तर पर जानबूझकर विलंब किया जा रहा है और कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।
घटना के दौरान मौजूद न होने के बावजूद एक अन्य व्यक्ति से कथित रूप से प्रार्थना पत्र प्राप्त कर लिया गया, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि मामले को समझौते की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी अब तक पुलिस ने नहीं देखी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तथाकथित गुरु गैंग से जुड़े कुछ युवक क्षेत्र में कई बार विवादों में रहे हैं और इनके विरुद्ध दर्जन भर मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।