अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अयोध्यावासियों को सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठी है। पूर्व विधायक मिल्कीपुर गोरखनाथ बाबा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अयोध्या के स्थानीय निवासियों के लिए आधार कार्ड के आधार पर विशेष दर्शन पंक्ति की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने इस संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष प्रस्ताव रखने और आवश्यक प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया है।
जिलाधिकारी दिए पत्र में गोरखनाथ बाबा ने कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन अयोध्या पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या के कारण दर्शन के लिए लंबी कतारों में काफी समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस स्थिति में अयोध्या के स्थानीय निवासियों को भी रामलला के दर्शन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के निवासियों का प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि से पीढ़ियों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के लिए दर्शन की विशेष और सुगम व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। इसके लिए आधार कार्ड में दर्ज स्थानीय पते के आधार पर निवासियों का सत्यापन कर उन्हें अलग दर्शन पंक्ति से प्रवेश देने पर विचार किया जा सकता है।
ट्रस्टऔरप्रशासनकेसमन्वयसेव्यवस्थाबनानेकासुझाव
पूर्व विधायक ने पत्र में अनुरोध किया है कि अयोध्या के मूल निवासियों की मांग को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष उचित माध्यम से रखा जाए। जिला प्रशासन और ट्रस्ट के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाओं के अनुरूप इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकता है।
पत्र में कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था बनने से अयोध्यावासियों को अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर सुगमता और सम्मान के साथ मिल सकेगा। साथ ही, सामान्य श्रद्धालुओं के लिए वर्तमान दर्शन व्यवस्था को भी पूर्ववत सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
गोरखनाथ बाबा ने विश्वास जताया है कि अयोध्यावासियों की भावनाओं और उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए प्रशासन तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे। हालांकि, स्थानीय निवासियों के लिए विशेष दर्शन पंक्ति की व्यवस्था किए जाने के संबंध में अभी निर्णय होना बाकी है।