◆ एक अविस्मरणीय यात्रा का सुखद समापन
ऋषिकेश में गंगा की गोद में रोमांचकारी राफ्टिंग का आनंद लेने के बाद हम सभी साथी पुनः हरिद्वार स्थित नीलकंठ होटल लौट आए। वहां पहले से मौजूद साथियों से मुलाकात हुई। सभी अपने-अपने अनुभव साझा कर रहे थे। किसी के लिए गंगा स्नान अविस्मरणीय था, तो किसी के लिए राफ्टिंग जीवन का सबसे रोमांचकारी अनुभव। होटल पहुंचने के बाद सभी ने स्नान कर थोड़ी देर विश्राम किया। इसके बाद दोपहर का भोजन किया गया और यात्रा के अंतिम चरण की तैयारियां शुरू हो गईं।

शाम लगभग चार बजे चाय पीने के बाद हम सभी अपने-अपने वाहनों पर सवार हुए और देवभूमि उत्तराखंड को प्रणाम करते हुए रामनगरी अयोध्या की ओर प्रस्थान कर दिया। वाहनों के आगे बढ़ते ही हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी की मधुर स्मृतियां मन में चलचित्र की तरह घूमने लगीं। कोई मोबाइल में तस्वीरें देख रहा था, तो कोई बीते तीन दिनों के अनुभवों को शब्द दे रहा था।
लगभग चार घंटे की यात्रा के बाद रात्रि करीब आठ बजे हम लोग एक ऐसे स्थान पर पहुंचे, जहां हाल ही में निर्मित एक सुंदर पेट्रोल पंप दिखाई दिया। पंप परिसर के एक हिस्से में सीमेंट का विशाल पक्का प्लेटफॉर्म बना हुआ था, जिसकी उस समय धुलाई की जा रही थी। चारों ओर सफाई और व्यवस्थित वातावरण देखकर महापौरजी ने सुझाव दिया कि यहीं कुछ देर विश्राम करते हुए रात्रि भोजन बनाया जाए। सभी साथियों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कुछ ही देर में तीनो वाहनो एक किनारे खड़े कर दिए गए। दरी, चादर, कंबल और चटाइयां निकालकर साफ स्थान पर बिछा दी गईं। देखते ही देखते वह स्थान किसी अस्थायी शिविर का रूप लेने लगा। कई दिनों से साथ-साथ यात्रा कर रहे हम सभी लोग अब एक परिवार की तरह हो चुके थे। किसी तरह की औपचारिकता नहीं थी, जो जहां आवश्यक लगा, वहीं सेवा में जुट गया।



