अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब कथित तौर पर पैसों के निवेश और लेन-देन के नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस रिमांड पर चल रही पूछताछ में आरोपियों से लगातार नए इनपुट मिल रहे हैं। गुरुवार को पुलिस मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके घर लेकर पहुंची, जहां करीब 20 मिनट तक तलाशी ली गई और परिजनों से भी पूछताछ की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में अनुकल्प ने बताया कि वह और सह-आरोपी अविनाश शुक्ला कथित तौर पर चोरी की रकम को शेयर बाजार में निवेश करते थे। इसके अलावा लोगों को ब्याज पर रुपये भी दिए जाते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रकम करीबी रिश्तेदारों और परिचितों के खातों के माध्यम से घुमाई जाती थी और बाद में अपने खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। जांच एजेंसियां इसका सत्यापन कर रही हैं।
नेता से कथित कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल
जांच के दौरान आरोपियों के जिले के नेताओं से कथित कारोबारी संबंध होने की बात भी सामने आई है। पुलिस फिलहाल इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक किया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।