अम्बेडकर नगर। पुलिस की वर्दी पर उस वक्त सवाल उठ खड़े हुए जब जिला मुख्यालय के समीप रगड़गंज बाइपास स्थित सेठ-दा-ढाबा में चार पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में जमकर उत्पात मचाया। गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे की इस घटना ने न सिर्फ ढाबा संचालक को भयभीत किया, बल्कि वहां मौजूद ग्राहक भी सहम उठे। ढाबा संचालक आलोक रंजन त्रिपाठी पुत्र स्वर्गीय विभाष चंद्र त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि वह ग्राम विजयगांव में स्थित शाकाहारी ढाबे का संचालन कर रहे हैं। 10 जुलाई की रात पुलिस लाइन में तैनात चार सिपाही एक सफेद अपाचे मोटरसाइकिल से पहुंचे और सीधे फैमिली एसी हॉल में जाकर बैठ गए।
जैसे ही उन्होंने बैठना शुरू किया, तेज आवाज में गाली-गलौज, मेज-कुर्सी पर हाथ पटकना, और स्टाफ को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। मना करने पर भी चारों सिगरेट जलाकर वहीं धूम्रपान करने लगे। जब संचालक आलोक त्रिपाठी ने हाथ जोड़कर निवेदन किया कि ऐसा आचरण ढाबे की गरिमा और व्यापार दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है, तो सिपाही मंजीत सिंह और मोन्टी समेत अन्य दो अज्ञात पुलिसकर्मी आगबबूला हो गए।
इसके बाद ढाबा संचालक के साथ मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां, लात-घूंसे, और मारपीट की गई। पीड़ित की शर्ट फाड़ दी गई और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। आलोक त्रिपाठी ने चारों सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।