अयोध्या। सोमवार 13 अक्टूबर को अवध विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले 30वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को अपराह्न तीन बजे कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में शोभायात्रा और मुख्य कार्यक्रम का फाइनल रिहर्सल आयोजित किया गया।
रिहर्सल की शुरुआत कौटिल्य प्रशासनिक भवन से हुई, जहां से शोभायात्रा स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह तक पहुंची। वहां छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत, कुलगीत तथा विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया। कुलपति डॉ. सिंह ने दीक्षोपदेश का अभ्यास कराया और मंच पर छात्रों को स्वर्ण पदक प्राप्त करने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास करवाया।
रिहर्सल में उन बच्चों को भी पुरस्कृत करने का अभ्यास कराया गया, जिन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त की है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का पूर्वाभ्यास भी किया गया।
संकायाध्यक्ष प्रो. आशुतोष सिन्हा ने विद्यार्थियों को समारोह में समय से उपस्थित होने का निर्देश दिया। कार्यक्रम संचालन प्रो. नीलम पाठक ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन का अभ्यास कुलसचिव विनय कुमार सिंह द्वारा किया गया।
समारोह स्थल का निरीक्षण करते हुए कुलपति ने परिसर की सजावट, विद्युत व्यवस्था और सफाई का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को अंतिम तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। परिसर को आकर्षक झालरों से सजाया गया है। समारोह में मिलेट्स, फैशन डिजाइनिंग, फाइन आर्ट्स और पर्यावरण आधारित प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। साथ ही तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
रिहर्सल के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
125 मेधावियों को दिए जाएंगे 140 स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा एक लाख 89 हजार 119 छात्रों की उपाधि व अंकपत्र डिजिलॉकर पर समावेशित किए जाएंगे। समारोह में 125 मेधावी छात्र-छात्राओं को 140 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी।
पार्किंग व्यवस्था तय
दीक्षांत समारोह को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विस्तृत पार्किंग व्यवस्था की है। सुरक्षा एवं यातायात समिति के संयोजक प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा के अनुसार दोपहिया वाहनों की पार्किंग डीएसडब्ल्यू कार्यालय के नीचे और संत कबीर सभागार के दोनों ओर की जाएगी, जबकि शिक्षकों और कर्मचारियों की कारों की पार्किंग योग भवन में होगी। अतिथियों और ड्राइवरों के साथ आने वाले वाहनों की पार्किंग दीक्षा भवन स्थित मैदान में कराई जाएगी। मुख्य मार्गों और विभागीय पोर्टिको पर पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।