अयोध्या। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या में आयोजित जागरूकता सत्र में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि अच्छी नींद और नियमित ध्यान मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हैं। ध्यान और पर्याप्त नींद से तनाव कम करने, मन को शांत रखने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि किशोरों और युवाओं में शैक्षणिक दबाव, करियर की चिंता, नौकरी का तनाव, पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंधों में तनाव तथा नशे और डिजिटल माध्यमों की लत जैसी समस्याएं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में समय रहते जागरूकता, उचित परामर्श और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से उपचार लेना जरूरी है।
डॉ. मनदर्शन ने बताया कि ध्यान के दौरान मस्तिष्क की गतिविधियों में बदलाव देखा जा सकता है। मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों को इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राम (ईईजी) के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाता है। इसमें बीटा, अल्फा, थीटा और डेल्टा जैसी ब्रेन वेव्स का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की भूमिका पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं को लेकर शर्म और संकोच के कारण कई लोग उपचार लेने से बचते हैं। इससे उनकी परेशानी बढ़ सकती है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और समय पर परामर्श उपलब्ध कराकर लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद की जा सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. राजीव मिश्र ने की, जबकि डॉ. बीना ने संयोजन किया। सत्र में विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।