जलालपुर, अंबेडकर नगर। सरकारी तालाब, बंजर और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए शासन स्तर से लगातार सख्ती के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन शाहपुर फिरोजपुर गांव में इन निर्देशों का असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। तालाब और बंजर भूमि पर कथित पक्का निर्माण जारी रहने से ग्रामीणों में आक्रोश है। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने और समाधान दिवस में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद भी निर्माण नहीं रुकने से जलालपुर तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर फिरोजपुर गांव निवासी सूर्यभान राम, अनुज विकास समेत दर्जनों ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी विनोद कुमार द्वारा तालाब की गाटा संख्या 343 और बंजर भूमि की गाटा संख्या 347 पर पक्का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गाटा संख्या 347 से दर्जनों परिवारों का करीब पांच दशक से आवागमन होता है। ऐसे में यदि निर्माण पूरा हो गया तो वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते के बंद होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पिछले करीब पांच महीने में जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार से व्यक्तिगत रूप से शिकायत करने के साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह नहीं रुका। ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल पर निर्माणकर्ता पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार चार सितंबर को हल्का लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर निर्माण करा रहे पक्ष को निर्माण न करने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद निर्माण आगे बढ़ता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण का विरोध करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
शनिवार को तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी ईशा प्रिया को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों के मुताबिक जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम और तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई कर निर्माण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद भी मौके पर प्रभावी कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
अब सवाल यह है कि जब सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि और सार्वजनिक रास्ते को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं और मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में भी आ चुका है, तो निर्माण रोकने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके की राजस्व जांच कराकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने और पुराने रास्ते को सुरक्षित रखने की मांग की है।
वही इस संबंध में तहसीलदार शिव प्रकाश यादव ने बताया कि मामले में नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम बनाया गया है जल्द ही कब्जा मुक्त कराया जाएगा।