अयोध्या। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने निर्देश दिया है कि आगामी 31 मई तक नगर क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। वह नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ स्वास्थ्य एवं निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
महापौर ने कहा कि पार्षदों एवं स्थानीय नागरिकों से फीडबैक लेकर जलभराव के संभावित स्थलों को चिन्हित किया जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां राबिस भराई कर आवागमन सुचारु रखा जाए। साथ ही जल निकासी के लिए छोटी ड्रेनेज निर्माण और पंप लगाने के स्थलों को चिह्नित कर समय से कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सफाई कर्मियों की बीट तय कर रोस्टर जारी करने और उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
नगर आयुक्त ने नाला सफाई में निकाले गए सिल्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया। नगर क्षेत्र में कुल 154 बड़े और 245 छोटे नालों की सफाई कराई जानी है। बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लेने और नागरिकों से फीडबैक लेकर कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, महाप्रबंधक जलकल सौरभ श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल व सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बिना पंजीकरण सेफ्टी टैंक सफाई पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने सेफ्टी टैंक की सफाई करने वाली निजी संस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण कराने की मोहलत दी है। निर्धारित समय में पंजीकरण न कराने पर अवैध रूप से संचालित संस्थाओं के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हैदरगंज की घटना के बाद यह कदम अहम माना जा रहा है।
हर वार्ड में पांच चरही स्थापित करने की योजना
पशु-पक्षियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच चरही स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जलकल विभाग को संबंधित स्थलों पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी–नालों में बिना ट्रीटमेंट गंदा पानी डालने पर सख्ती
नगर आयुक्त ने यश पेपर मिल को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए हैं। शिकायत के अनुसार मिल से निकलने वाला गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के नालों के माध्यम से सरयू नदी में डाला जा रहा है। अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।