Home Uncategorized  राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच तेज: तीन आरोपी रिमांड पर, फर्जी...

 राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच तेज: तीन आरोपी रिमांड पर, फर्जी रसीद बुक मिलने से जांच को नई दिशा

0

◆ पुलिस ने कई स्थानों पर कराई तस्दीक, ट्रस्ट के बड़े आयोजनों के खर्च भी जांच के दायरे में


अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच बुधवार को कई अहम घटनाक्रमों के साथ आगे बढ़ी। पुलिस ने 40 घंटे की रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों से गहन पूछताछ की, जबकि जांच के दौरान कथित रूप से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम की पुरानी फर्जी रसीद बुक भी बरामद होने की बात सामने आई है। इस बीच पुलिस आरोपियों को लेकर विभिन्न स्थानों पर पहुंची और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कराया। दूसरी ओर, सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए ट्रस्ट के बड़े आयोजनों से जुड़े वित्तीय अभिलेखों की भी पड़ताल शुरू कर दी है।



बुधवार सुबह पुलिस टीम फैजाबाद जिला कारागार पहुंची और रिमांड पर लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा तथा करुणेश पांडेय को लेकर पुलिस लाइन आई। दिनभर चली पूछताछ में आरोपियों से कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि यह रसीद असली रसीद की तरह तैयार की गई थी और उस पर ट्रस्ट का लोगो भी अंकित था। कुछ श्रद्धालुओं से इन्हीं रसीदों के माध्यम से चंदा लिया जाता था। बाद में ऑनलाइन रसीद व्यवस्था लागू होने के बाद इनका उपयोग बंद कर दिया गया।

पुलिस टीम आरोपियों को लेकर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जौरा क्षेत्र भी पहुंची, जहां चोरी की रकम की गिनती और बंटवारे से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया गया। हालांकि मीडिया की मौजूदगी के चलते पुलिस टीम कुछ देर बाद वहां से लौट गई।



उधर, जांच के क्रम में मिल्कीपुर क्षेत्र में भी छापेमारी की गई। पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा के रिश्तेदारों के अलावा इनायतनगर के एक सर्राफा कारोबारी और एक बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी के यहां भी दबिश दी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों और अन्य सामान का भुगतान नकद किया गया था या ऑनलाइन।


एसआईटी जांच का बढा दायरा


सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब 22 जनवरी 2024 को हुए रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह तथा 25 नवंबर 2025 को आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम से जुड़े खर्च के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच टीम बिल, वाउचर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों का मिलान कर रही है। बताया जा रहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये तथा ध्वजारोहण कार्यक्रम पर करीब 10.12 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।


गोपाल राव बोलेमुझे ट्रस्ट से नहीं हटाया गया


ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रहे गोपाल राव (गोपाल नगरकोटे) ने बुधवार को कहा कि उन्हें ट्रस्ट से नहीं हटाया गया है। उन्होंने ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस नोट में किए गए उल्लेख को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके हटाए जाने संबंधी खबरें गलत संदेश दे रही हैं।


10 जुलाई को अयोध्या आएंगे मुख्यमंत्री योगी


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जुलाई को अयोध्या के दौरे पर आएंगे। वह सोहावल क्षेत्र में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के रामलला एवं हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करने की भी संभावना है।


बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी


फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि चढ़ावा प्रकरण में 2 जुलाई को दी गई शिकायत पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


बयानों से गरमाई सियासत


मामले को लेकर बुधवार को भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रही। कांग्रेस नेताओं प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, इमरान मसूद और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है तथा दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version