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थाना समाधान दिवस में राजस्व विभाग के अधिकारियों के न पहुंचने से निराश हुए फरियादी

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जलालपुर, अंबेडकरनगर। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाला थाना समाधान दिवस जलालपुर कोतवाली में इस बार महज औपचारिकता बनकर रह गया। भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण अधिकांश फरियादियों को बिना समाधान के ही लौटना पड़ा। इससे शासन की मंशा और थाना समाधान दिवस की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए।

शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल 12 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 09 शिकायतें राजस्व विभाग से तीन अन्य मामलों से संबंधित थीं। सबसे अधिक चिंता का विषय यह रहा कि न तो उपजिलाधिकारी, न तहसीलदार और न ही नायब तहसीलदार समाधान दिवस में पहुंचे। राजस्व विभाग की ओर से केवल तीन लेखपाल और दो कानूनगो ही उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि समाधान दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी अपने कार्यालय में कार्यरत थीं, जबकि तहसील कार्यालय कोतवाली से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा समाधान दिवस में भाग लेकर फरियादियों की समस्याएं नहीं सुनी गईं।कार्यक्रम की अध्यक्षता कोतवाल अजय प्रताप यादव ने की। प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।


प्रमुख शिकायतें


उस्मापुर निवासी सियाराम गुप्ता ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 576, जो मिलजुमला खाता है, पर वह लंबे समय से काबिज हैं। इसके बावजूद विपक्षी बिना पैमाइश और अंश निर्धारण के दबंगई के बल पर निर्माण कार्य करा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपजिलाधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत की गई, लेकिन हल्का लेखपाल की मनमानी के कारण न्याय नहीं मिल सका।


मोहल्ला पश्चिम निवासी चिरंजी लाल माथुर ने बताया कि बसखारी रोड स्थित बड़े पुल के पास गाटा संख्या 21 के वह खातेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद हल्का लेखपाल की मिलीभगत से उनकी जानकारी के बिना भूमि की पैमाइश कर विपक्षी को कब्जा दिलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने तत्काल कब्जा रुकवाने की मांग की।


मरहरा गांव निवासी अजय गोस्वामी ने शिकायत की कि गाटा संख्या 3156 की राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश के बाद बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा था, जिसे विपक्षियों ने कथित रूप से गिरा दिया। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।


नगपुर निवासी राम आशीष ने आरोप लगाया कि पड़ोसी बलराम ने उनके मकान की नींव के पास गड्ढा खोद दिया, जिससे बरसात का पानी घर में रिसने लगा और नुकसान हुआ। उन्होंने तत्काल गड्ढा पाटने की मांग की।


अशरफपुर भुवा निवासी लाजवंती ने शिकायत की कि गांव के ही एक युवक ने उनका मोबाइल पानी में फेंक दिया, जिससे वह खराब हो गया। उन्होंने नुकसान की भरपाई की मांग की।


लेखपाल पर लगाए आरोप


समाधान दिवस के बाद चिरंजी लाल माथुर ने हल्का लेखपाल धर्मेंद्र सिंह पर विपक्षी को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी से अलग से शिकायत भी दर्ज कराई।


उठ रहे है सवाल


थाना समाधान दिवस का उद्देश्य पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त उपस्थिति में विशेष रूप से भूमि एवं कब्जा संबंधी विवादों का मौके पर समाधान कराना है। लेकिन जब अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित हों और जिम्मेदार अधिकारी ही उपस्थित न हों, तो समाधान दिवस का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। फरियादियों का कहना है कि उन्हें हर सप्ताह थाने और तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।

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