अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह 10:40 बजे विकासखंड सोहावल मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां वह बीकापुर विधायक अमित सिंह चौहान के पिता स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद 432 करोड़ 70 लाख 9 हजार रुपये लागत की 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब 12 बजे उनका बस्ती के लिए प्रस्थान प्रस्तावित है।
कार्यक्रम के तहत 269 करोड़ 39 लाख 22 हजार रुपये की 131 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 163 करोड़ 30 लाख 87 हजार रुपये की 86 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इन परियोजनाओं में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, कौशल विकास, सड़क, पर्यटन और ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इनपरियोजनाओंकाहोगाशिलान्यास
शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में मऊ (बीकापुर) में वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण, नगर पंचायत बीकापुर की पेयजल एवं गृह संयोजन योजना, नगर पंचायत सूचितागंज (खिरौनी) की पेयजल योजना, विकासखंड सोहावल के ग्राम सुरवारी में सामुदायिक केंद्र भवन का निर्माण, कम्पोजिट विद्यालय अर्थर का उच्चीकरण एवं आधुनिकीकरण, विकासखंड तारून के ग्राम रामपुर प्रताप में सामुदायिक केंद्र भवन का निर्माण तथा राजकीय महिला पॉलिटेक्निक और राजकीय पॉलिटेक्निक अयोध्या में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से संबंधित निर्माण कार्य शामिल हैं।
86 परियोजनाओंकाहोगालोकार्पण
लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में बीकापुर में जनपदीय ड्राइवर हाउस का निर्माण, राजकीय महाविद्यालय भवन, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बरवा (मसौधा) में ट्रांजिट हॉस्टल, अयोध्या-सुल्तानपुर मार्ग पर गेट कॉम्प्लेक्स (टीएफसीसी), नगर पंचायत सूचितागंज-खिरौनी में पर्यटन विकास कार्य, ग्राम अवानपुर सरोहा में पर्यटन सुविधा केंद्र एवं थीमेटिक गेट, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोहावल में आधुनिक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-28 के निकट पुराने डाक बंगले परिसर में निरीक्षण गृह और बैठक कक्ष का निर्माण शामिल है।
सुरक्षाऔरयातायातव्यवस्थापूरी
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यातायात संचालन के लिए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की गई है।