◆ सामान्यता 15 अगस्त के बाद शुरू होते है डेंगू के मरीज आना, बरसात के बाद पांच डेंगू व दो मरीज आ चुके है मलेरिया के
◆ डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों के रोकथाम के लिए प्रशासन ने चलाया था एक से 31 जुलाई तक अभियान
अयोध्या। सावन की फुहारों के साथ मच्छरों ने हमला बोल दिया है। आमतौर पर जहां डेंगू और मलेरिया के मरीज 15 अगस्त के बाद अस्पतालों में दिखने लगते हैं, वहीं इस बार जुलाई माह में मरीजों के आने की शुरूआत हो गई है। अयोध्या जनपद में अब तक डेंगू के 6 और मलेरिया के 8 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान का 31 जुलाई को समापन हो गया। सीडीओ ने अभियान के समाप्त होने के बाद भी डेंगू व मलेरिया की रोकथाम का प्रयास जारी रखने का निर्देश दिया है। सीएमओ डा. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि समान्यता साल 15 अगस्त के बाद डेंगू व मलेरिया मरीज बढ़ते हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए एक विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान चलाया जा जाएगा। विभाग का प्रयास रहेगा, हर साल की अपेक्षा डेंगू के मरीज न्यूनतम रहे।
2023 में डेंगू ने पार किया था 1000 का आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 2023 में डेंगू के कुल 1002 मामले सामने आए थे। जबकि 2022 में यह संख्या 668 और 2021 में 570 थी। पिछले वर्ष 2024 में 678 मरीज डेंगू के आए थे। 2022 में नगर मे निर्माण कार्य चल रहे थे। जिसके कारण हर जगह जलभराव था। इस कारण डेंगू के मरीज बढ़े थे। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी डेंगू पर विभाग लगाम नहीं लगा सका है। इस बार विशेष तैयारी का दावा किया जा रहा है।
दस्तक अभियान में मिले 839 बुखार और 610 सांस रोगी
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत 11 से 31 जुलाई तक चलाए जा रहे दस्तक अभियान में मरीजों के आंकड़े सामने आए है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर की गई स्क्रीनिंग में 26 जुलाई तक 839 फीवर और 610 सांस के मरीज चिन्हित किए गए हैं। जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान आशाएं घर-घर जाकर मरीजों की सूची तैयार करती है।