अयोध्या। रामनगरी में दीपोत्सव से पहले दशरथ पथ के रूप में एक और महत्वपूर्ण सड़क परियोजना आकार लेने जा रही है। साकेत पेट्रोल पंप से बिल्वहरी घाट स्थित महाराज दशरथ के समाधि स्थल तक करीब 15.39 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग बनाया जा रहा है। 418.98 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का करीब 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद यह मार्ग अयोध्या के अंदरूनी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बनाएगा।
14 मीटर चौड़े दशरथ पथ पर आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के साथ करीब एक मीटर चौड़ा पथवे और डिवाइडर बनाया जा रहा है। इससे वाहनों के सुगम आवागमन के साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने और प्रमुख धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
यातायातव्यवस्थाकोमिलेगीराहत
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता शशांक पाण्डेय ने बताया कि दशरथ पथ का लगभग 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फोरलेन मार्ग के साथ लाइटिंग, पथवे और डिवाइडर की व्यवस्था की जा रही है। मार्ग के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को राहत मिलने के साथ आवागमन का समय भी कम होगा।
82.68 लाखरुपयेसेलगेंगे 30 मुद्रास्तंभ
दशरथ पथ को केवल यातायात मार्ग के रूप में विकसित करने के बजाय इसे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की भी योजना है। अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से करीब 82.68 लाख रुपये की लागत से 30 मुद्रा स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। करीब 500 मीटर के अंतराल पर लगाए जाने वाले इन स्तंभों में 15 पर योग मुद्राएं और 15 पर शस्त्र मुद्राएं प्रदर्शित की जाएंगी। प्रत्येक स्तंभ की ऊंचाई करीब छह फीट होगी।
योग मुद्राओं के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि शस्त्र मुद्राओं के जरिए भारतीय परंपरा के शौर्य और वीरता को दर्शाने का प्रयास होगा। वायु, अग्नि और आयु जैसी योग मुद्राओं को भी स्तंभों पर स्थान दिया जाएगा। रात में प्रकाश व्यवस्था के बीच ये स्तंभ दशरथ पथ के सौंदर्य को बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
दशरथ पथ का निर्माण पूरा होने के बाद यह मार्ग अयोध्या के विकास और धार्मिक पर्यटन की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आएगा। आधुनिक सड़क सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक स्वरूप को जोड़ने वाली यह परियोजना रामनगरी की प्राचीन स्मृतियों को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी बनेगी।