जलालपुर अंबेडकरनगर। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के फखरपुर गांव निवासी प्रसूता की प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही से हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी संजय शैवाल ने दी।
फखरपुर गांव निवासी प्रवेश कुमार ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी पूजा देवी को बीते पांच फरवरी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर लगभग डेढ़ बजे उनके पिता साधु सरन कनौजिया सरकारी महिला अस्पताल जलालपुर लेकर गए थे। वहां ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ द्वारा पूजा देवी को भर्ती कर लिया गया। लगभग तीन बजे पूजा देवी ने सामान्य रूप से एक बच्चे को जन्म दिया।
आरोप है कि प्रसव के बाद पूजा देवी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, लेकिन समय रहते उचित इलाज नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बावजूद महिला को उसी अवस्था में छोड़ दिया गया और गलत उपचार किया गया। उस समय प्रसव कक्ष में मृतका की चचेरी सास चंद्रकला व ग्राम सभा की आशा बहू भी मौजूद थीं। उनका आरोप है कि प्रसव कक्ष में इलाज के लिए आवश्यक उपकरण, ऑक्सीजन और यहां तक कि ग्लूकोज की बोतल तक उपलब्ध नहीं थी।
परिजनों के अनुसार, जब महिला की हालत गंभीर हो गई तो अस्पताल कर्मियों ने बाहर से दवा लाने को कहा और यह भी बताया कि यहां इलाज संभव नहीं है। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही पूजा देवी की मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में सीएमओ संजय शैवाल ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।