◆ कोडीन कफ सिरप प्रकरण के बाद सक्रिय हुआ औषधि विभाग
◆ डमी फर्मो को लेकर चल रहा है अभियान, केवल कागज पर संचालित फर्मो पर होगी कार्रवाई
अयोध्या। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले सामने आने के बाद औषधि विभाग ने जिले में संचालित थोक दवा फर्मों की निगरानी बढ़ा दी है। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जिले की थोक दवा फर्मों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि डमी फर्मों की पहचान की जा सके। यदि जांच में किसी फर्म के डमी होने की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध निस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, दिसंबर माह में कोडीन कफ सिरप की तस्करी से जुड़े मामले में जिले की छह फर्में जांच के दायरे में आई थीं। इन फर्मों द्वारा लखनऊ की दो दवा फर्मों से बड़ी मात्रा में कोडीन कफ सिरप की खरीद की गई थी। इसके बाद औषधि विभाग ने इन फर्मों का सत्यापन कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ फर्मों के नाम पर केवल बिलिंग प्वाइंट बनाए गए थे, जबकि वास्तविक रूप से वहां दवा का भंडारण नहीं हो रहा था। दवाओं का माल फर्म के गोदाम तक पहुंचे बिना ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेज दिया जाता था। अब जिले में डमी फर्मों की पहचान के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर आलोक त्रिवेदी ने बताया कि जिले में संचालित थोक दवा फर्मों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान ऐसी फर्मों को चिन्हित किया जा रहा है जो केवल कागजों में संचालित हो रही हैं। यदि किसी फर्म के डमी होने की पुष्टि होती है तो उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।