बसखारी अम्बेडकर नगर। शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और गगनभेदी जयकारों के बीच बसखारी के मोतिगरपुर स्थित सिद्धेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले 10 दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ किया गया। सुबह से ही सिद्धेश्वर धाम पीठ पर कलश यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
अयोध्या से आए कथावाचक डॉ. चंद्रांशु जी महाराज एवं अन्य संतों ने वैदिक विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना कर 6 मार्च से 16 मार्च तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत कराई। डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं, जबकि पुरुष हाथों में केसरिया ध्वज लिए जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा सिद्धेश्वर पीठ से निकलकर टांडा रोड सब्जी मंडी होते हुए पूर्वी चौराहे से बाजार का भ्रमण करते हुए पुनः सिद्धेश्वर पीठ पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय कथावाचक डॉ. चंद्रांशु जी महाराज महंत कृष्णानंद महाराज के साथ रथ पर विराजमान रहे, जिनका जगह-जगह पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर सिद्धेश्वर पीठ के महंत कृष्णानंद महाराज, हिंदूवादी नेता श्याम बाबू गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता, डॉ. डीपी सिंह, विकास मौर्य, प्रधान प्रदीप सिंह, रवि कनौजिया, महेंद्र कुमार, सत्यम उपाध्याय, दिलीप साहू, अनुराग पांडेय, दिलीप सिंह सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सिद्धेश्वर पीठ के संत कृष्णानंद महाराज ने बताया कि 10 दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हो चुका है। प्रतिदिन हवन-यज्ञ के साथ धाम पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक डॉ. चंद्रांशु जी महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा का अमृत रस वर्षण होगा। कार्यक्रम का समापन 16 मार्च को हवन और भव्य प्रसाद वितरण के साथ होगा।