अयोध्या। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। फैजाबाद संसदीय क्षेत्र से सांसद अवधेश प्रसाद ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मिल्कीपुर को ज्ञापन सौंपते हुए व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
सांसद ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र की मूल भावना पर आघात है। उन्होंने दावा किया कि मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 80 हजार नोटिस जारी किए गए हैं, जो सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कहीं अधिक प्रतीत होते हैं। ज्ञापन में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में कई नामों के सामने लाल चिन्ह लगाए जाने पर आपत्ति जताई गई है। इसे चयनात्मक कार्रवाई बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में आयु, लिंग, पिता या पति के नाम में बदलाव तथा नामों की वर्तनी में त्रुटियों का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि इन तकनीकी गलतियों के आधार पर नोटिस जारी करना अनुचित है।
बूथ संख्या 249 और 250 में कई जीवित मतदाताओं को “मृत” दर्शाने तथा कुछ परिवारों को “स्थायी रूप से स्थानांतरित” दिखाने का मामला भी उठाया गया है। सांसद ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया।
ग्राम सभा खांडसा (बूथ-126) में एक परिवार का नाम एन्यूमरेशन फॉर्म भरने के बावजूद सूची में शामिल न किए जाने तथा उनका राशन बंद हो जाने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अतिरिक्त वर्ष 1990 से मतदान कर रहे एक मतदाता का नाम डिजिटल रिकॉर्ड में परिवर्तित होने का मामला भी सामने लाया गया।
सांसद ने 80 हजार नोटिसों की निष्पक्ष जांच, डिजिटाइजेशन आधारित नोटिसों की समीक्षा, फॉर्म-7 की कार्रवाई पर अस्थायी रोक, एएसडी सूची का भौतिक सत्यापन और प्रभावित मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की भी मांग की गई है। प्रशासन की ओर से मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।