◆ अमानवीय कृत्य होने के कारण दो माह के लिए कार्य से वंचित, वेतन और भत्ता भी रोके गए
अयोध्या। नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते का ‘फिटनेस सुधार अभियान’ आखिरकार उन्हीं पर भारी पड़ गया। राजद्वार पार्क में ठेले-खोमचे वालों को दीवार के सामने उल्टा खड़ा करवाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसा दौड़ा कि चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर पक्ष तथा विपक्ष में कई सवाल उठ गए।
वीडियो वायरल होते ही महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने संज्ञान लेते हुए रोष प्रकट किया। जांच का जिम्मा अपर नगर आयुक्त भरत भार्गव को सौंप दिया है। महापौर ने कहा है कि दोषियों पर कार्यवाही होगी। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने भी नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार से नाराजगी जताई। कार्रवाही करने को कहा। अपर नगर आयुक्त की जांच का पहिया इतनी तेजी से घूमा और निष्कर्ष निकला कि यह कृत्य अमानवीय था। तीनों प्रथम जांच में दोषी पाए गए। परिणामस्वरूप प्रवर्तन दल के तीनों सदस्यों अखिलेश सिंह, सुरेंद्र सिंह और सुरेश सिंह को दो महीने के लिए निलम्बित कर “आराम की मुद्रा” में भेजा गया हैं । बिना वेतन, बिना भत्ता, सिर्फ आत्मचिंतन के लिए।