अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में श्रीराम शोध पीठ द्वारा आयोजित एक दिवसीय विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में युवाओं को जीवन दृष्टि प्रदान करने के लिए प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने की, मुख्य वक्ता रहे जगदगुरु स्वामी राम प्रसन्नना रामनरेशचार्य, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. अजय प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके आदर्श आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। यदि युवा उनके विचारों को अपनाएं तो सफलता अवश्य प्राप्त होगी।
मुख्य वक्ता स्वामी राम प्रसन्नना ने कहा कि राम कोई व्यक्ति नहीं, राम वृत्ति है। उनका जीवन युवाओं को सिखाता है कि एक आदर्श पथ प्रदर्शक कैसे बनें। युवाओं को अपने भीतर के ज्ञान की खोज करनी चाहिए और शिक्षा को केवल अपने लिए नहीं, समाज के लिए उपयोग करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि राम का आदर्श हर युग में प्रासंगिक है। आज के युवाओं को भौतिकता के मोह में फंसने के बजाय मर्यादा और चारित्र्य को अपनाना चाहिए।
श्रीराम शोध पीठ के समन्वयक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राम के आदर्शों का पालन ही हमें उच्चतम शिखर तक पहुंचा सकता है। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं सहित विश्वविद्यालय के गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंकित मिश्रा ने किया।