अयोध्या। सेना की वर्दी पहनकर खुद को सैन्य अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति को जीआरपी ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में उसके पास से सेना की वर्दी, अलग-अलग नामों की नेमप्लेट, फर्जी पहचान पत्र समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
जीआरपी के अनुसार मिलिट्री इंटेलिजेंस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा है। वह स्वयं को आर्टिलरी का अधिकारी और डोगरा रेजिमेंट में कैंटीन इंचार्ज बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने का प्रयास करता था। सूचना के सत्यापन और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इसकी जानकारी जीआरपी को उपलब्ध कराई।
सूचना मिलने पर जीआरपी ने रेलवे स्टेशन कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने पहले अपना नाम करन यादव निवासी गाजीपुर बताया और इसी नाम का आधार कार्ड भी दिखाया। हालांकि सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी वास्तविक पहचान सुरेन्द्र निषाद निवासी ग्राम मोहपरिया बलुआ, जनपद चंदौली के रूप में बताई।
पुलिस का कहना है कि आरोपी सेना की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह करता था और इसका अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करता था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से सेना की वर्दी, दो अलग-अलग नामों की नेमप्लेट, फर्जी आधार कार्ड तथा अन्य सामग्री बरामद हुई है।
जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह कब से इस तरह सेना की पहचान का दुरुपयोग कर रहा था और कहीं उसने किसी अन्य वारदात को भी अंजाम तो नहीं दिया।