अम्बेडकरनगर। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के बैनर तले हिंदूवादी संगठनों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समीप धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने किछौछा दरगाह से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ज्ञापन में झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं व किशोरियों के शोषण, कथित धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही दरगाह क्षेत्र में संचालित गेस्ट हाउसों की जांच, अवैध गेस्ट हाउसों को चिह्नित करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा आगंतुकों के पहचान सत्यापन को अनिवार्य किए जाने की मांग उठाई गई।
संगठनों ने आरोप लगाया कि दरगाह परिसर में अनैतिक गतिविधियां हो रही हैं, जिन पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। इसके अलावा सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे हटाने और परिसर में स्थित एक पुराने मंदिर को हिंदू समुदाय को सौंपकर पूजा-पाठ पुनः शुरू कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन में धार्मिक स्थलों और भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कर राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूर्व में की गई शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें धरना-प्रदर्शन करना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान अखिल जिला संगठन मंत्री, जिला मंत्री विकास मौर्य, संजय पांडे, प्रदीप पांडे (जिला सह मंत्री), राकेश सिंह, प्रिंस पाठक (जिला सहसंयोजक, बजरंग दल), अरविंद पांडे (प्रांत), हिमांशु गुप्ता (विभाग संयोजक), प्रवर्तन प्रमुख धर्म प्रसार, प्रमोद राजभर (जिला धर्म प्रसार प्रमुख), मानस पटेल (सह प्रमुख विधि प्रकोष्ठ), रुद्र (नगर मंत्री), शनि (नगर सहसंयोजक), अमन वर्मा (सह संयोजक) सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।