अयोध्या। प्राथमिक विद्यालयों के प्रस्तावित मर्जर के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संगठन के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वनाथ के नेतृत्व और डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में सौंपा गया।
शिक्षक संघ ने शासन द्वारा जारी 16 जून 2025 के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संघ का कहना है कि विद्यालयों के मर्जर के लिए छात्र संख्या को अपर्याप्त बताना आधारहीन है, क्योंकि कहीं भी “अपर्याप्त” की स्पष्ट परिभाषा या मापदंड तय नहीं किए गए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह कदम शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और बाल अधिकारों का उल्लंघन है। अधिनियम के अनुसार हर बच्चे के घर से एक किलोमीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय और तीन किलोमीटर की दूरी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थापित किया जाना अनिवार्य है।
संघ ने यह भी कहा कि कुछ विद्यालयों में छात्र संख्या में गिरावट के लिए शिक्षक नहीं, बल्कि नियम विरुद्ध संचालित निजी विद्यालयों और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति में कमी जिम्मेदार है। साथ ही, शिक्षकों से निरंतर गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाने से भी शैक्षिक गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
इस अवसर पर जिला मंत्री प्रेम कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष सचिन त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी मंजेश मौर्य, और जिले भर से ब्लॉक अध्यक्षों समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मर्जर नीति का विरोध करते हुए शासन से पुनर्विचार की मांग की।